ममता ने कहा- बंगाल को एनआरसी की जरूरत नहीं, मैं सुनिश्चित करूंगी कि राज्य में यह लागू न हो

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि बंगाल शांति का स्थान है। एनआरसी इस शांति को खत्म करके रख देगी। मैं इसका पुरजोर विरोध करती हूं। हमारी सरकार आपके साथ थी और हमेशा आपके साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि जब हम इस देश में मतदान कर रहे हैं। तो यहां रहना भी हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी नागरिक को कोई भी उसके प्रदेश से नहीं निकाल सकता है।


बनर्जी ने कहा- बंगाल को एनआरसी की जरूरत नहीं है। यह यहां पर लागू नहीं होगी। मैं सभी धर्मों में विश्वास करती हूं। किसी भी नागरिक को अपना देश नहीं छोड़ना होगा। फिर वो चाहे बंगाली हो या फिर किसी और धर्म का।


देशभर में एनआरसी लागू करने की जरूरत: जोशी


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने हाल ही में कहा था कि देशभर में एनआरसी लागू करने की जरूरत है। सरकार को एनआरसी लागू करनी चाहिए। देश में बड़ी संख्या में घुसपैठिए हैं। तत्काल उनकी पहचान की जाने की जरूरत है। हमारी सरकार को पहले अपने नागरिकों के हितों की चिंता करनी चाहिए।


असम में एनआरसी लागू हुआ


असम में 31 अगस्त को एनआरसी की अंतिम सूची जारी कर दी गई थी। इसके बाद से ममता बनर्जी लगातार इसका विरोध कर रही हैं। बनर्जी ने गृह मंत्री से मुलाकात कर उन्हें पश्चिम बंगाल में एनआरसी नहीं लागू करने संबंधी ज्ञापन भी सौंपा था।